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Женщина погибла в ДТП на трассе «Сибирь» в Заларинском районе

14 июля на 1653 километре трассы Р-255 «Сибирь» в Заларинском районе водитель пикапа «Mitsubishi L200» выехал на встречную полосу и столкнулся с автомобилем «Toyota Probox». Читать дальше...

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रूस अपनी मोटर-कारों का निर्यात बढ़ाकर तीन गुणा करेगा

रूस-भारत संवाद 

रूस के व्यापार और उद्योग मन्त्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि घरेलू बाज़ार में मोटर-कारों की घटती हुई बिक्री को पूरा करने के लिए कम दामों पर कारों का विदेशों को निर्यात किया जाए। 15 जून को मन्त्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित ’2025 तक मोटरकार उद्योग के निर्यात के विकास की रणनीति’ के मसौदे में यह बात कही गई है।

निर्यात वृद्धि की महत्वाकांक्षा और यथार्थ

इस रणनीति में दो उद्देश्य सोचे गए हैं। 2016 में रूस के मोटर-कार उद्योग ने 2 अरब 40 करोड़ डॉलर का निर्यात किया था, जबकि अब 2025 तक मोटर-कारों का निर्यात बढ़ाकर दोगुना यानी 5 अरब 90 करोड़ डॉलर तक पहुँचाने का उद्देश्य तय किया गया है। इस तरह संख्या की दृष्टि से देखा जाए तो साल भर में मोटर उद्योग के कुल उत्पादन का 10 प्रतिशत यानी 2 लाख 40 हज़ार कारों का निर्यात किया जाएगा और कुल 1 अरब 60 करोड़ डॉलर के स्पेयर पार्ट्स भी बेचे जाएँगे।

इस रणनीति में जो दूसरा महत्वाकांक्षी उद्देश्य रखा गया है... Читать дальше...

रूस के चाय-बागानों में चाय कैसे उगाई जाती है

रूस-भारत संवाद 

/ Lori/Legion-Media

भारत और श्रीलंका की तरह रूस में भी चाय उगाई जाती है। हर साल रूसी लोग 1 लाख 70 हज़ार टन चाय पी जाते हैं, जबकि ब्रिटेन में भी चाय की इतनी ज़्यादा खपत नहीं होती है। सबसे ज़्यादा आश्चर्य की बात तो यह है कि रूस एक ठण्डा देश है, इसके बावजूद रूस में चाय उगाई जाती है।

दुनिया के धुर उत्तरी चायबागान कोहकाफ़ के उस इलाके में बने हुए हैं, जहाँ 2014 के शीतकालीन ओलम्पिक खेलों की राजधानी सोची से बस डेढ़ घण्टे का सफ़र करके पहुँचा जा सकता है। सोची मस्क्वा से 1400 किलोमीटर दूर एक पर्यटन नगरी है... Читать дальше...

उराल पर्वत माला पर रूसी पर्यटक-दल की मौत एक अनसुलझा रहस्य

रूस-भारत संवाद 

मस्क्वा (मास्को) से 1416 किलोमीटर दूर स्थित येकातिरिनबूर्ग नगर से 550 किलोमीटर दूर उराल पर्वतमाला के उत्तरी इलाके में हलतचाह्ल नाम का एक पहाड़ है। स्थानीय आदिवासी पहाड़ी जनजाति मानसी की भाषा में हलतचाह्ल का मतलब होता है — मौत का पहाड़ या मृतकों की पहाड़ी। इस पहाड़ से एक कथा जुड़ी हुई है कि पुराने ज़माने में कभी इस पहाड़ पर 9 शिकारियों को मार डाला गया था। तब से इस पहाड़ पर कोई नहीं जाता। यह भी कहा जाता है कि इस पहाड़ पर कभी भी नौ आदमियों को एक साथ नहीं जाना चाहिए।

मानसी जनजाति की इस कथा को आज कोई भी नहीं जानता... Читать дальше...




लड़ाकू हैलिकॉप्टर केए-60 का नया लक्जरी मॉडल कैसा है?

रूस-भारत संवाद 

हैलिकॉप्टरों के इस नए मॉडल को ’केए-62’ नाम दिया गया है। विगत मई 2017 में रूस में आयोजित हैलिकॉप्टर प्रदर्शनी ’हेल-रशिया’ में इस हैलिकॉप्टर ने अपनी पहली उड़ान भरी थी। और यह उड़ान सनसनीखेज रही क्योंकि किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि जिस हैलिकॉप्टर को बनाने में 20 साल का समय लग गया है, वह कभी उड़ान भी भरेगा।

अन्तरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक विश्लेषण केन्द्र के अध्यक्ष और पूर्व कर्नल-जनरल लिअनीद इवशोफ़ ने रूस-भारत संवाद से बात करते हुए कहा — शुरू में यह हैलिकॉप्टर सैन्य उद्देश्यों से बनाया गया था और इसका  नाम रखा गया था —  केए-60 ’कसात्का’। लेकिन आज जो मॉडल बनकर तैयार हुआ है... Читать дальше...

क्या रूस में महिलाओं के लिए वैज्ञानिक बनना आसान है?

रूस-भारत संवाद 

मरीया लगच्योवा ने जीवविज्ञान संकाय में अपनी शिक्षा पूरी की और आज वे रूस के प्रसिद्ध मस्क्वा (मास्को) विश्वविद्यालय की जीनोमिक विश्लेषण प्रयोगशाला में विभिन्न पौधों की जीनोमिक्स की पड़ताल करती हैं। 2014 में उन्हें अपने एक शोध के लिए ल’ओरियल-यूनेस्को पुरस्कार मिला था। मरीया ने कहा — मेरे पति भी मेरे साथ ही मेरी ही प्रयोगशाला में काम करते हैं और यह बहुत अच्छा है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हमारी कभी मुलाकात ही न हो पाती। हम दोनों ही अपने-अपने काम में लगे रहते हैं।

मरीया के पिता गणितज्ञ है।... Читать дальше...

रूसी महिलाओं को कैसे पुरुष पसन्द हैं?

रूस-भारत संवाद 

बस, बहुत बदसूरत नहीं हो  

रूसी औरतें ऐसे पुरुषों को अच्छी नज़र से नहीं देखती हैं, जो अपना वैसे ही ख़याल रखते हैं, जैसे औरतें रखती हैं। अगर कोई पुरुष मॉइस्चराइजिंग लोशन लगाता है, नए से नए फ़ैशन पर नज़र रखता है, अपने नाखूनों की ख़ूबसूरती पर ध्यान देता है, ब्यूटी सैलून जाने में भी लापरवाही नहीं बरतता और सिर्फ़ जिम में जाकर ही मेहनत करता है, तो उस पर शक पैदा हो ही जाता है। खेल के मैदान में तो रूसी लोग ताक़तवर बनने के लिए जाते हैं, जिम में जाकर शरीर को ख़ूबसूरत नहीं बनाते।  

रूस-भारत संवाद से बातें करते हुए मनोवैज्ञानिक येलेना कालिन ने कहा — बाहरी ख़ूबसूरती इतनी ज़रूरी नहीं है। रूसी औरतों को सुन्दर-स्वस्थ पुरुष पसन्द हैं... Читать дальше...

रूस के सुदूर-पूर्व की यात्रा के लिए अब इलैक्ट्रोनिक वीजा मिलेगा

रूस-भारत संवाद 

रूस के सुदूर-पूर्व के इलाके की यात्रा करना अब विदेशियों के लिए बहुत सुविधाजनक हो जाएगा। अब पर्यटकों और व्यवसायियों को इलैक्ट्रोनिक वीजा दिया जाया करेगा । इस सिलसिले में रूस के सुदूर-पूर्व विकास मन्त्रालय की वेबसाइट पर 5 जून को जानकारी प्रकाशित की गई है। 1 अगस्त 2017 से इलैट्रोनिक वीजा लेकर यात्री व्लदिवस्तोक में प्रवेश कर सकेंगे।

रूस ने इससे पहले कभी भी इलैक्ट्रोनिक वीजा जारी नहीं किए थे — रूस-भारत संवाद को रूस के सुदूर-पूर्व विकास मन्त्री अलिक्सान्दर गलूश्का ने बताया  —  अब यह व्यवस्था लागू होने के बाद सुदूर-पूर्व में पर्य़टन के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और निवेशक भी सुदूर-पूर्व की तरफ़ आकर्षित होंगे। आगामी सितम्बर में व्लदिवस्तोक में तीसरे ’पूर्वी आर्थिक फ़ोरम’ में भाग लेने के लिए आने वाले निवेशक भी अब बड़ी आसानी से इलैक्ट्रोनिक वीजा लेकर फ़ोरम में भाग ले सकेंगे।

इलैक्ट्रोनिक वीजा की सुविधा किसके लिए 

फ़िलहाल 18 देशों के नागरिकों को इलैक्ट्रोनिक वीजा दिया जाएगा। इनमें एशियाई-प्रशान्त इलाके के देशों के अलावा पश्चिमी एशिया के देश भी शामिल हैं। इन देशों के नाम हैं  — जापान... Читать дальше...

8 रूसी लेखकों के प्रिय पालतू जानवर

रूस-भारत संवाद 

एर्न्स्ट हेमिंग्वे के घर में क़रीब 50 बिल्लियाँ और बिलौटे थे और मार्क ट्वेन की प्रशिक्षित बिल्लियाँ सोने का बहाना करती थीं। कवि विलियम वर्ड्सवर्थ अपने प्रिय कुत्ते को अक्सर अपनी कविताएँ पढ़कर सुनाया करते थे और कुर्त वोन्नेगुत ने एक बार कहा था — कुत्ता औरतों से ज़्यादा प्रेरणा देता है क्योंकि औरतों के मुक़ाबले वो हमेशा आपके साथ रहता है। रूस-भारत संवाद आज आपको उन जानवरों के बारे में बता रहा है, जो रूसी लेखकों को प्रिय थे।

लेफ़ तलस्तोय और उनके घोड़े 

RIA Novosti

लेफ़ तलस्तोय को घोड़े बहुत पसन्द थे। वे सारी ज़िन्दगी घोड़ों की सवारी करते रहे। घोड़े उनके एकाकीपन के साथी थे और उन्हें प्रकृति के साथ जोड़ते थे। तलस्तोय की बहुत-सी कृतियों में घोड़ों को मुख्य भूमिका में दिखाया गया है। उनकी एक प्रसिद्ध कहानी है — ख़ल्स्तामेर (एक घोड़े की कथा)। इस कहानी में एक घोड़ा अपने जीवन की कहानी सुना रहा है। इसके अलावा पाठक तलस्तोय के ’आन्ना करेनिना’ नामक उपन्यास में वर्णित ’फ़्रू-फ़्रू’ नामक उस घोड़े को भी याद करें... Читать дальше...